ऋषिकेश के पवित्र मणिकूट पर्वत स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी शिव शक्ति धाम आश्रम में चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना और यज्ञ में भाग ले रहे हैं।
आश्रम में ये सभी आयोजन श्री श्री 1008 हरिओम महाराज के सानिध्य में हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में विशेष यज्ञ, अनुष्ठान और धार्मिक क्रियाएं लगातार संचालित की जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
19 से 27 मार्च: दुर्लभ संयोग का विशेष महत्व
महाराज ने जानकारी दी कि 19 से 27 मार्च तक का समय अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग का संयोग लेकर आया है। इस दौरान 27 नक्षत्रों और नवरात्रि की तिथियों का अनूठा मेल बन रहा है, जिसे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है।
11 कुण्डीय यज्ञ में श्रद्धालुओं की भागीदारी
आश्रम परिसर में 11 कुण्डीय यज्ञ लगातार चल रहा है, जिसमें श्रद्धालु स्वयं आहुति देकर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्य यज्ञशाला में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि हर कोई सहज रूप से पूजा में शामिल हो सके।
त्रयोदश ज्योतिर्लिंग: एक ही स्थान पर दिव्य दर्शन
इस धाम की खास बात यह है कि यहां पहले से ही त्रयोदश ज्योतिर्लिंग स्थापित किए गए हैं। इन ज्योतिर्लिंगों का जलाभिषेक मणिकूट पर्वत से प्राप्त औषधीय जल से किया जाता है। यही पवित्र जल श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
मान्यता है कि जो श्रद्धालु देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन नहीं कर पाते, वे यहां एक ही स्थान पर दर्शन कर समान पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं।
27 मार्च को पूर्णाहुति का विशेष आयोजन
महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से 27 मार्च को होने वाली पूर्णाहुति में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह अवसर आध्यात्मिक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
