रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून में डॉग बाइट के बढ़ते मामलों के बीच एंटी रैबीज वैक्सीन (ARV) की गंभीर कमी सामने आई है। पिछले तीन महीनों से वैक्सीन की सप्लाई ठप होने के कारण सरकारी अस्पतालों में हालात चिंताजनक हो गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी Manoj Kumar Sharma ने बताया कि पिछले तीन महीनों से एआरवी की नियमित सप्लाई नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा कि बाजार में भी वैक्सीन की कमी है, लेकिन विभाग किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, राज्य स्तर से पर्याप्त कोटा न मिलने के कारण देहरादून के सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन संकट लगातार गहराता जा रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि विभाग को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए अपने स्तर पर खरीद करनी पड़ रही है।
हालांकि विभाग द्वारा की जा रही यह खरीद सीमित बजट के कारण केवल अस्थायी समाधान साबित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
देहरादून जिले के विकासनगर, डोईवाला, ऋषिकेश, चकराता, त्यूनी और मसूरी के सरकारी अस्पताल इस संकट से जूझ रहे हैं।
इसके अलावा एक दर्जन से अधिक सीएचसी और पीएचसी केंद्रों में भी नियमित वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रैबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए एंटी रैबीज वैक्सीन बेहद जरूरी है। ऐसे में इसकी कमी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार कब तक इस संकट का स्थायी समाधान निकालती है।
