देहरादून: उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ हो चुका है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
रिकॉर्ड स्तर पर पंजीकरण
राज्य के पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए अब तक 19 लाख 50 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। यह संख्या यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह और आस्था को दर्शाती है।
सरकार की तैयारियां पूरी
मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सड़क और बुनियादी ढांचे पर फोकस
यमुनोत्री धाम की सड़क से जुड़े कार्यों को लेकर भी सरकार सक्रिय है। इस संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से भी चर्चा की गई है, ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
सरकार का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा पहले से अधिक व्यवस्थित होगी। यात्रियों के लिए सभी चारों धामों में बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा और प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है।
निष्कर्ष
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह तैयार है। रिकॉर्ड पंजीकरण संख्या इस बात का संकेत है कि इस वर्ष यात्रा में भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। ऐसे में प्रशासन का फोकस यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर है।
