देहरादून: गर्मियों के मद्देनजर उत्तराखंड में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए जल संस्थान ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पानी की कमी से प्रभावित होने वाले इलाकों को चिन्हित कर निगरानी बढ़ा दी है।
1000 से ज्यादा क्षेत्रों की पहचान
जल संस्थान के अनुसार:
शहरी क्षेत्रों के 379 मोहल्ले
ग्रामीण क्षेत्रों की 691 बस्तियां
ऐसी हैं, जहां गर्मियों में पानी की कमी की आशंका जताई गई है।
कंट्रोल रूम और निगरानी व्यवस्था
स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने 31 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इसके साथ ही फायर हाइड्रेंट्स की नियमित जांच और हैंडपंपों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने बताया कि पुराने अनुभवों और मौसम की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों का चयन किया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में:
हैंडपंपों में मोटर लगाने का काम
पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की योजना
पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि लोगों को लगातार पेयजल उपलब्ध हो सके।
गर्मियों से पहले तैयारी पूरी करने का लक्ष्य
विभाग का उद्देश्य है कि गर्मी के चरम समय से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, जिससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
