रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक पालिका सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता Meera Saklani ने की, जिसमें शहर के विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में नगर पालिका की आय-व्यय का विस्तृत ब्योरा भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बैठक के दौरान भवन कर को लेकर बड़ा मुद्दा सामने आया। समय पर भवन कर जमा न करने पर 20% वृद्धि का प्रस्ताव सदन में रखा गया, जिसका सभासद Geeta Kumai ने कड़ा विरोध किया।
इस मुद्दे को लेकर बैठक में तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।
हालांकि बाद में सहमति बनाते हुए लंबित भवन कर पर 10% वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में व्यापारियों के लाइसेंस निर्गत करने से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर सभासद गीता कुमाई ने आपत्ति जताई।
उन्होंने इसे व्यापारियों और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसका विरोध किया।
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि बैठक में कुल 16 प्रस्ताव पेश किए गए, जिन पर सभासदों ने सहमति जताई।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका शहर के समग्र विकास और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सभासद गीता कुमाई ने कहा कि बैठक के एजेंडे में विकास कार्यों को अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
हालांकि उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए पालिका अध्यक्ष का आभार भी व्यक्त किया, लेकिन कुछ प्रस्तावों को जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला बताया।
मसूरी नगर पालिका की इस बोर्ड बैठक में जहां कई विकास प्रस्तावों को मंजूरी मिली, वहीं कर वृद्धि और लाइसेंस मुद्दों पर मतभेद भी खुलकर सामने आए।
यह बैठक साफ संकेत देती है कि विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखना पालिका के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
