नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ उत्तराखंड में शराब की कीमतों में आंशिक बदलाव किया गया है।
अंग्रेजी शराब (IMFL) के दामों में ब्रांड के अनुसार प्रति बोतल 10 से 20 रुपये तक की मामूली बढ़ोतरी की गई है।
वहीं, देशी शराब के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
आबकारी विभाग के अनुसार, शराब की कीमतें संबंधित कंपनियों द्वारा भी तय की जाती हैं। ऐसे में कुछ ब्रांड्स के दाम कम होने की संभावना भी जताई गई है।
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए शराब से जुड़े राजस्व में बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
यह लक्ष्य राज्य के राजस्व को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
प्रदेश में वर्तमान में करीब 700 शराब की दुकानों का संचालन किया जा रहा है।
आबकारी विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे प्रवर्तन (Enforcement) गतिविधियों को तेज करें।
सरकार ने अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत नियमित चेकिंग और छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि कानून व्यवस्था और राजस्व दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।
नए वित्तीय वर्ष में शराब की कीमतों में सीमित बदलाव करते हुए सरकार ने संतुलन बनाने की कोशिश की है—एक ओर जहां राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ नहीं डाला गया है।
साथ ही, अवैध कारोबार पर सख्ती और प्रवर्तन को मजबूत करना यह संकेत देता है कि सरकार राजस्व के साथ-साथ कानून व्यवस्था को भी प्राथमिकता दे रही है।
