हल्द्वानी (उत्तराखंड): नैनीताल जिले के छात्रों ने आज उच्च शिक्षा निदेशालय में जोरदार प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी कर दी। इस दौरान छात्रों ने अपर निदेशक का घेराव किया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
छात्रों का आरोप है कि उत्तराखंड विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में लगभग 60% छात्र-छात्राएं अनुत्तीर्ण हो गए हैं, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह स्थिति नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद पैदा हुई है।
छात्र नेताओं में मोहित शर्मा और कमलापुर ने आरोप लगाया कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को फेल कर दिया गया है। उनका कहना है कि बैक परीक्षा (सुधार परीक्षा) को निरस्त करने से छात्रों को अपना परिणाम सुधारने का मौका नहीं मिल रहा है।
छात्रों ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा है। इसी के विरोध में उन्हें निदेशालय में तालाबंदी करने का कदम उठाना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो उत्तराखंड भर में छात्र आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
छात्रों की प्रमुख मांग है कि पुरानी शिक्षा नीति के तहत सुधार परीक्षा को दोबारा लागू किया जाए और अनुत्तीर्ण छात्रों को पुनः परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाए।
वहीं उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सभी मांगों को शासन स्तर पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, लेकिन शासन से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
हल्द्वानी में छात्रों ने निदेशालय में की तालाबंदी
60% छात्रों के फेल होने पर जताया विरोध
नई शिक्षा नीति और बैक परीक्षा निरस्त करने पर नाराजगी
सुधार परीक्षा दोबारा लागू करने की मांग
छात्रों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
