देहरादून | रिपोर्ट: सचिन कुमार
उत्तराखंड की राजनीति में वन्यजीव हमलों को लेकर दिया गया एक बयान अब विवाद का कारण बन गया है। प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल के हालिया बयान पर उत्तराखंड कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने मंत्री के बयान को “असंवेदनशील, बचकाना और हास्यास्पद” करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
वन मंत्री ने अपने बयान में कहा था कि जंगलों में लकड़ी लेने जाने वाली महिलाओं के कारण वन्यजीव हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी तर्क पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने इसे पीड़ितों के प्रति असंवेदनशील बताया है।
कांग्रेस का पलटवार
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि अगर सरकार की उज्ज्वला योजना सही तरीके से लागू और सफल होती, तो महिलाओं को आज भी चूल्हा जलाने के लिए जंगलों में जाकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ती।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का बयान सरकार की विफलता को छुपाने का प्रयास है और यह पीड़ित परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज करता है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिसे इस तरह के बयानों से टाला नहीं जा सकता। उन्होंने सरकार से इस समस्या पर ठोस और संवेदनशील नीति बनाने की मांग की।
2027 चुनाव का जिक्र
डॉ. प्रतिमा सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता इस तरह की संवेदनहीनता को भूलेगी नहीं और 2027 के विधानसभा चुनावों में इसका जवाब देगी।
निष्कर्ष
वन्यजीव हमलों जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सरकार पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को जनता से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठाती है।
