रिपोर्ट: ललित जोशी
उत्तराखंड के नैनीताल में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। देर रात से जारी मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते पूरा इलाका कोहरे और बादलों की चादर में ढक गया है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नाले और गधेरे उफान पर हैं। शहर के कई हिस्सों में पानी सड़कों पर बहता नजर आ रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे के चलते हालात ऐसे हैं कि आमने-सामने भी देख पाना मुश्किल हो गया है।
खराब मौसम का असर स्कूलों पर भी देखने को मिला। लगातार बारिश और ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई है।
मूसलाधार बारिश के चलते कई जगहों पर पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे कई ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। साथ ही, सड़कों पर चल रहे निर्माण कार्य भी बारिश की भेंट चढ़ गए हैं।
नालों के जाम होने से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश का गंदा पानी और कूड़ा-करकट झील में जाने से पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है।
नैनीताल घूमने आए पर्यटक भी खराब मौसम के चलते होटलों में ही रहने को मजबूर हैं। ठंड का आलम ऐसा है मानो अप्रैल नहीं बल्कि दिसंबर का महीना हो। लोग ठंड से बचने के लिए हीटर और लकड़ी का सहारा ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अप्रैल में इतनी ठंड और बारिश असामान्य है। ठंड के कारण हाथ-पांव अकड़ने जैसी स्थिति बन गई है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग की ओर से फिलहाल राहत के संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
