Dehradun: उत्तराखंड में जनगणना 2026 के प्रथम चरण की औपचारिक शुरुआत हो गई है। राज्यपाल Gurmit Singh ने लोकभवन से मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का शुभारंभ करते हुए स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना कर इस अभियान की शुरुआत की।
डिजिटल स्व-गणना को बताया आसान और उपयोगी
राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल माध्यम से स्व-गणना करना बेहद सरल और सुविधाजनक है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करें।
24 अप्रैल तक कर सकेंगे स्व-गणना
निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय Eva Srivastava ने जानकारी दी कि प्रदेश के नागरिक 24 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपनी स्व-गणना कर सकते हैं। इसके तहत 33 प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी प्रविष्टि दर्ज करनी होगी।
इसके बाद होगा घर-घर सत्यापन
उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक सामान्य मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे। यदि कोई व्यक्ति स्वयं गणना नहीं करता है, तो प्रगणक सीधे उनसे जानकारी लेकर प्रविष्टि पूरी करेंगे।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए अलग समय
चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जैसे उच्च हिमालयी जिलों में जनगणना कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।
भारत की पहली डिजिटल जनगणना
यह जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए डेटा एकत्र किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है।
