उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देते हुए सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया है। यह तकनीक आने वाले मानसून और चारधाम यात्रा के दौरान लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगी।
मोबाइल पर एक साथ मिलेगा अलर्ट
नई तकनीक के जरिए अब किसी भी आपदा या आपात स्थिति में एक ही समय पर बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजा जा सकेगा। खास बात यह है कि यह सिस्टम लोकेशन आधारित (Location-Specific) होगा, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के लोगों तक ही चेतावनी पहुंचेगी।
आपदा प्रबंधन में बड़ा कदम
Uttarakhand State Disaster Management Authority (USDMA) ने इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विशेषज्ञों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है और अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
चारधाम यात्रा और मानसून में होगा लाभ
नई प्रणाली से विशेष रूप से चारधाम यात्रा और मानसून सीजन के दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों को समय रहते चेतावनी मिल सकेगी, जिससे हादसों को रोका जा सकेगा।
जनहानि में कमी की उम्मीद
इस तकनीक के लागू होने से आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी और जनहानि में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह सिस्टम राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सशक्त बनाएगा।
