राजधानी देहरादून में बीजेपी के सदस्यता अभियान को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में भाजपा द्वारा कांग्रेस की पूर्व नेत्रियों मीना शर्मा और लक्ष्मी राणा को पार्टी में शामिल करने के बाद कांग्रेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बीजेपी के दावे पर कांग्रेस का विरोध
भारतीय जनता पार्टी ने इन नेताओं के शामिल होने के पीछे अपनी विचारधारा से प्रभावित होना कारण बताया था। हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
“ED और CBI का डर दिखाकर बढ़ा रही सदस्यता”
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा एजेंसियों के डर का इस्तेमाल कर अपना कुनबा बढ़ा रही है। उनका कहना है कि कांग्रेस में लोग स्वेच्छा से उसकी विचारधारा से जुड़ रहे हैं, जबकि भाजपा दबाव की राजनीति कर रही है।
2024 में ही छोड़ चुकी थीं पार्टी
डॉ प्रतिमा सिंह ने कहा कि जिन नेत्रियों के भाजपा में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें से एक नेता वर्ष 2024 में ही कांग्रेस छोड़ चुकी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भी कथित रूप से केंद्रीय एजेंसियों के दबाव के कारण उठाया गया था।
कांग्रेस ने किया पलट दावा
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि भाजपा के मुकाबले कांग्रेस में ज्यादा नेता शामिल हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व विधायक कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और ऐसी सूची लगातार बढ़ रही है।
सियासी घमासान तेज
उत्तराखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सदस्यता अभियान को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच यह सियासी जंग और भी तेज होती नजर आ रही है।
