देहरादून: मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम में पशुपालकों से रूबरू हुए सीएम धामी, योजनाओं का बताया लाभ
रिपोर्ट: सचिन कुमार
आईटीआई ग्राउंड निरंजनपुर में आयोजित हुआ कार्यक्रम
देहरादून के आईटीआई ग्राउंड निरंजनपुर में पशुपालन विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पशुपालकों, मत्स्य पालकों और डेयरी समूहों के साथ संवाद किया।
कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रेफ्रिजरेटेड फिशरी वाहनों को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रेफ्रिजरेटेड फिशरी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसका उद्देश्य मत्स्य उत्पादों को सुरक्षित और बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचाना है, जिससे मत्स्य पालकों को अधिक लाभ मिल सके।
सीएम धामी बोले: योजनाओं से पशुपालकों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उनके लिए खुशी का दिन है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से राज्य के पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “आत्मनिर्भर भारत” का सपना साकार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और मुख्यमंत्री पशुधन मिशन जैसी योजनाओं के तहत पशुपालकों को 90% तक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा, गोट वैली योजना और प्रत्येक जनपद में मॉडल गौशालाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
बाइट: पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
“इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के पशुपालकों को लगातार लाभ मिल रहा है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है।”
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने गिनाई उपलब्धियां
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से विभाग की योजनाओं को मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि:
- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की गई
- गोट वैली प्रोजेक्ट से हजारों लोगों को रोजगार मिला
- अब तक 5827 लाभार्थियों को फायदा मिला
- करीब 53 करोड़ रुपये की बकरियां वितरित की गईं
- चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में आईटीबीपी के साथ एमओयू साइन किया गया
- सितारगंज में 27 करोड़ रुपये का एक्वा पार्क विकसित किया जा रहा है
पशुपालकों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में शामिल पशुपालक हरि कृष्ण लाखेड़ा ने बताया कि उन्होंने दो गायों से अपना काम शुरू किया था, जो अब बढ़कर 37 गायों तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि पहले उनकी मासिक आय लगभग 40 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1 लाख रुपये हो गई है।
देहरादून में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र में हो रहे विकास को दर्शाता है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
