सचिन कुमार
देहरादून से एक अहम खबर सामने आ रही है, जहां आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर जमीयत उलेमा जिला देहरादून ने मुस्लिम समाज से कानून, शरई हिदायतों और सामाजिक सौहार्द का पालन करते हुए कुर्बानी करने की अपील की है। इसके साथ ही संगठन ने उत्तराखंड से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है।
गुरुवार को आज़ाद कॉलोनी स्थित मदरसा दार-ए-अरकम में आयोजित बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि कुर्बानी इस्लाम का एक अहम इबादती अमल है, जिसका उद्देश्य केवल अल्लाह की रज़ा हासिल करना है, न कि दिखावा या प्रदर्शन। संगठन ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सभी से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
संगठन ने स्पष्ट किया कि कुर्बानी केवल निर्धारित और वैध स्थानों पर ही की जाए। सड़क, गली, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया है।
जमीयत उलेमा ने मुस्लिम समाज से कुर्बानी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील करते हुए कहा कि इससे अनावश्यक विवाद और गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। धार्मिक कार्यों में संयम और जिम्मेदारी को जरूरी बताया गया।
बैठक में सफाई व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। कहा गया कि कुर्बानी के बाद खून और अवशेषों को तुरंत साफ किया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलने दी जाए। इसे कानून और इस्लाम दोनों के खिलाफ बताया गया।
संगठन ने अफवाहों और भड़काऊ बातों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दी जाए। मस्जिदों के इमामों और खतीबों से भी नमाज के दौरान अमन, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने को कहा गया है।
बैठक में मौलाना अब्दुल सलाम कासमी, मुफ्ती अयाज़, हाफिज आबिद, मुफ्ती वासिल क़ासमी, मुफ्ती हुजैफा क़ासमी, मुफ्ती राशिद, मौलाना गुलशेर, मौलाना मुतायब, मुफ्ती अरशद, मुफ्ती खुशनुद, मुफ्ती बुरहान रब्बानी, मौलाना एजाज़ क़ासमी, मास्टर अब्दुल सत्तार, मौलाना महताब, कारी अबुल फ़ज़ल, मौलाना सलमान नदवी, मौलाना अब्दुल वाजिद, कारी फरहान, मोहम्मद शाह नज़र और मुफ्ती नसीम सहित कई लोग मौजूद रहे।
