देहरादून में दिव्यांगजनों के लिए राहत बना डीडीआरसी केंद्र, प्रमाण पत्र से लेकर पुनर्वास सेवाएं अब एक ही छत के नीचे
रिपोर्ट – सचिन कुमार
देहरादून में दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल अब असर दिखाने लगी है। जिलाधिकारी Savin Bansal के निर्देशन में गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) दिव्यांगजनों के लिए एक भरोसेमंद सहायता केंद्र बनकर उभरा है।
इस केंद्र के माध्यम से दिव्यांग प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, पुनर्वास सेवाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे लाभार्थियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे और उनकी प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है।
600 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी
सितंबर 2025 में शुरू हुए इस केंद्र ने कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब तक 600 से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की दिव्यांग बोर्ड द्वारा 600 नए दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जबकि करीब 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया गया है।
जिला अस्पताल में प्रत्येक बुधवार को विशेष दिव्यांग बोर्ड का आयोजन किया जाता है, जहां विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।
हेल्पलाइन के जरिए घर बैठे मिल रही जानकारी
डीडीआरसी की हेल्पलाइन 8791009301 के माध्यम से भी लाभार्थियों को जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे कई दिव्यांगजन बिना किसी परेशानी के घर बैठे अपनी प्रक्रिया और योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर पा रहे हैं।
लाभार्थियों को मिल रही राहत
दून निवासी Manoj Bahuguna ने बताया कि लंबे समय से उन्हें यूडीआईडी कार्ड बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन डीडीआरसी पहुंचने के बाद उनकी प्रक्रिया बेहद आसानी से पूरी हो गई।
जिला समाज कल्याण विभाग के अनुसार केंद्र के जरिए दिव्यांगजनों को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके।
बच्चों के लिए स्पीच और फिजियोथैरेपी की सुविधा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. Manoj Sharma के अनुसार वर्ष 2009 से अब तक जनपद में 30 हजार 739 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 1,064 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।
उन्होंने बताया कि विकासनगर उप जिला चिकित्सालय में भी प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग बोर्ड आयोजित किया जाता है। इसके अलावा डीडीआरसी में दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी और लर्निंग थेरेपी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों से देहरादून में दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, पहचान और पुनर्वास सेवाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और व्यवस्थित तरीके से मिल रही हैं। यह पहल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
