जसपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, बिजली विभाग के SDO पर गुंडागर्दी और जबरन मीटर बदलने के आरोप
रिपोर्टर – प्रदीप श्रीवास्तव
ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बिजली विभाग के एसडीओ Madan Saini पर ग्रामीणों ने गुंडागर्दी, जबरन पुराने बिजली मीटर तोड़ने और उनकी जगह स्मार्ट मीटर लगाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने किया विरोध
पूरा मामला कुंडा थाना क्षेत्र के कई गांवों का बताया जा रहा है। आरोप है कि बिजली विभाग की टीम एसडीओ मदन सैनी के नेतृत्व में गांवों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए उन्हें लगाने से इनकार कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के बावजूद विभागीय टीम ने पुलिस बल बुलाकर दबाव बनाया और कई जगहों पर लगे पुराने मीटर उखाड़कर फेंक दिए। इसके बाद जबरन नए स्मार्ट मीटर लगा दिए गए।
जनप्रतिनिधियों और किसानों ने खोला मोर्चा
मामले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य Charanjeet Singh Channi मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े लोग विद्युत वितरण उपखंड कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना स्थल पर पहुंचे कई समाजसेवियों और स्थानीय नेताओं ने भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की।
ये प्रमुख मांगें रखीं ग्रामीणों ने
प्रदर्शनकारियों ने विभाग के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें—
- लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाने
- गलत तरीके से लगाई गई पेनल्टी माफ करने
- गरीब और भूमिहीन लोगों को बिजली कनेक्शन देने
- जसपुर में स्थायी एक्सईएन की नियुक्ति करने
जैसी मांगें प्रमुख रहीं।
“स्मार्ट मीटर के नाम पर तानाशाही” का आरोप
धरना स्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि बिजली विभाग लोगों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र या राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट आदेश सामने नहीं आया है, जिसमें जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की बात कही गई हो। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विभाग की कार्यशैली से सरकार की छवि खराब हो रही है।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध करने पर उन्हें पुलिस कार्रवाई, मुकदमा दर्ज कराने और अन्य प्रकार की धमकियां दी गईं।
अदाणी ग्रुप के मीटर होने का भी लगाया आरोप
विरोध कर रहे लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर सरकारी नहीं बल्कि निजी कंपनी से जुड़े हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें “अदाणी ग्रुप के मीटर” बताते हुए इनके खिलाफ जोरदार विरोध जताया और पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना बंद करने की मांग की।
हालांकि इस पूरे मामले में बिजली विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
