पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही पहाड़ों की रानी मसूरी में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह दबाव में नजर आ रही है। लाखों पर्यटकों के आगमन के बीच शहर के प्रमुख मार्गों पर घंटों लंबा जाम लग रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीकेंड के दौरान हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कई परिवार घरों में ही रहने को मजबूर हो जाते हैं। शहर के अधिकांश इलाकों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और यातायात सामान्य होने में घंटों लग जाते हैं।
सबसे अधिक समस्या किंक्रेग स्थित कार पार्किंग क्षेत्र में देखने को मिल रही है, जहां सीमेंट, सरिया, बजरी और गैस सिलेंडरों से भरे भारी ट्रक कई-कई दिनों तक सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इसके अलावा इसी क्षेत्र से शटल सेवा का संचालन भी किया जाता है, जिसके कारण टैक्सियों और बसों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क के दोनों ओर खड़े भारी वाहनों के कारण छोटे वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है, जिससे बार-बार जाम की स्थिति पैदा होती है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों और प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
टैक्सी स्टैंड के प्रधान सुमित ने बताया कि सुबह 7 बजे से शुरू होने वाला जाम रात 10 बजे तक बना रहता है। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से 10 मिनट में तय होने वाला सफर अब एक से डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है। कई बार भारी वाहनों को हटाने की मांग की गई, लेकिन लोडिंग-अनलोडिंग कार्य के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों और टैक्सी संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यटन सीजन में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके।
