उत्तराखंड के रामनगर से एक सुखद वन्यजीव समाचार सामने आया है। यहां करीब 12 साल बाद दुर्लभ इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल दिखाई दी है। वन विभाग ने समय रहते इस दुर्लभ जीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रजाति जंगलों के स्वस्थ पर्यावरण का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। इसका दोबारा दिखाई देना बताता है कि रामनगर और कॉर्बेट क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियां अभी भी इस दुर्लभ जीव के लिए अनुकूल हैं।
वन विभाग की टीम ने बताया कि गिलहरी गलती से एक ग्रामीण के घर में पहुंच गई थी। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया गया और बिना किसी नुकसान के उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
वन्यजीव विशेषज्ञ संजय छिम्वाल का कहना है कि उत्तराखंड में यह प्रजाति केवल घने जंगलों में ही देखने को मिलती है। इसकी मौजूदगी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और वन संरक्षण की सफलता का प्रमाण है।
स्वास्थ्य परीक्षण पूरा होने के बाद इस दुर्लभ गिलहरी को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग भविष्य में भी ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की निगरानी और संरक्षण को प्राथमिकता देगा।
