रिपोर्ट: संजय कुंवर
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क इस बार पर्यटन सीजन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। रंग-बिरंगे दुर्लभ हिमालयी फूलों से सजी यह घाटी देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है। लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या से स्थानीय पर्यटन कारोबार में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।
राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रवेश व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित बनाया है। प्रवेश द्वार पर दस्तावेजों की जांच, शुल्क जमा करने और परमिट जारी करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होने से सैलानियों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही। पर्यटकों ने इस व्यवस्था को सराहनीय बताया है।
इस बार पार्क प्रशासन ने घाटी के भीतर दुर्लभ फूलों और पौधों के पास प्लांट आइडेंटिफिकेशन बोर्ड लगाए हैं। इन बोर्डों पर वैज्ञानिक नाम और सामान्य अंग्रेजी नाम अंकित किए गए हैं, जिससे पर्यटक और शोधकर्ता वनस्पतियों के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
घाटी में आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए भी विशेष जानकारी उपलब्ध कराई गई है। प्रवेश द्वार के पास प्रसिद्ध ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक स्माइथ और वनस्पति वैज्ञानिक जोन मार्गरेट लेगी से जुड़े ऐतिहासिक विवरण प्रदर्शित किए गए हैं, जिन्हें पर्यटक रुचि के साथ देख रहे हैं।
ईको विकास समिति भ्यूंडार के अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि घांघरिया में 20 अगस्त तक होटल और लॉज की अधिकांश बुकिंग पहले ही हो चुकी है। इससे स्थानीय होटल व्यवसायियों, घोड़ा-खच्चर संचालकों और अन्य पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
