रुद्रप्रयाग: पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर आधारित होती है। कई गांवों में सब्जी उत्पादन लोगों की आय का प्रमुख स्रोत बन चुका है, लेकिन जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक ने किसानों की मेहनत पर बड़ा असर डाला है।
इसी समस्या से जूझ रहे जिला मुख्यालय के पास स्थित जयमंडी गांव के ग्रामीणों ने एक अनोखी पहल की है। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश उनियाल के सहयोग से गांव के चारों ओर सोलर फेंसिंग लगाई गई है, जिससे अब किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत मिली है।
सब्जी उत्पादन पर पड़ रहा था असर
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में आलू, गोभी, मटर जैसी सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से जंगली जानवर लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और कई काश्तकार खेती छोड़ने तक की सोचने लगे थे।
सोलर फेंसिंग से मिली नई उम्मीद
गांव में सोलर फेंसिंग लगने के बाद अब स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। यह तकनीक न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि जंगली जानवरों को खेतों में आने से रोकने में भी कारगर साबित हो रही है। ग्रामीणों ने इसे अपनी मेहनत और फसलों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कदम बताया है।
32 गांवों में लागू हो रही योजना
सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश उनियाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई जगहों पर ये जानवर इंसानों के लिए भी खतरा बन चुके हैं। ऐसे में सोलर फेंसिंग योजना एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आई है।
उन्होंने जानकारी दी कि रुद्रप्रयाग जिले के 32 गांवों में इस योजना को लागू किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
किसानों के लिए राहत और सुरक्षा
यह पहल न केवल किसानों की फसलों को सुरक्षित कर रही है, बल्कि उनकी आजीविका को भी मजबूत बना रही है। सोलर फेंसिंग के जरिए अब ग्रामीण बिना डर के खेती कर पा रहे हैं और बेहतर उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं।
