उत्तराखंड के देहरादून में पशुओं से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम देहरादून ने नई नीतियों और अभियानों के जरिए शहर में पशु प्रबंधन को लेकर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पालतू श्वान पॉलिसी 2025 लागू
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल के अनुसार, पालतू श्वान पॉलिसी 2025 को गजट नोटिफिकेशन के बाद 14 मार्च 2026 से पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
इस पॉलिसी के तहत:
- पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है
- नियमों का उल्लंघन करने पर चालान और नोटिस जारी किए जा रहे हैं
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने साफ किया है कि:
- बिना लीश और मज़ल के कुत्तों को घुमाने पर कार्रवाई होगी
- सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और साफ न करने पर जुर्माना लगेगा
शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जा रहा है।
बंदरों और आवारा पशुओं पर विशेष अभियान
शहर में बढ़ती बंदरों की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है।
- किद्दूवाला, टिहरी कॉलोनी, राजपुर, ब्राह्मणवाला, रेलवे स्टेशन और बंगाली कोठी जैसे इलाकों में कार्रवाई
- पकड़े गए बंदरों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है
इसके साथ ही आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को लेकर भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
24 घंटे में शिकायतों का निस्तारण
नगर निगम का दावा है कि:
- सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों का
- 24 घंटे के भीतर समाधान किया जा रहा है
इससे शहरवासियों को काफी राहत मिल रही है।
क्या होगा असर?
नगर निगम की इस सख्ती से उम्मीद है कि:
- शहर में आवारा पशुओं की समस्या कम होगी
- स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा बेहतर होगी
- पालतू पशु रखने वालों में जिम्मेदारी बढ़ेगी
