उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक 38 वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, मृतक आंख का इलाज कराने शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई।
मृतक अपने पीछे आठ बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें पांच बेटियां शामिल हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घटना से गुस्साए परिजन सड़कों पर उतर आए और अस्पताल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
मौके पर पहुंचे सीओ हल्द्वानी अमित सैनी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच गंभीरता और पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
हालांकि, आश्वासन के बावजूद आक्रोशित परिजन सीधे अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए। इस दौरान कई परिजन पुलिस अधिकारियों से लिपटकर रोते नजर आए।
परिजनों का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो संबंधित डॉक्टर वहां मौजूद नहीं थे, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
इस घटना के बाद हल्द्वानी में निजी अस्पतालों के रवैये और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ निजी अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से ज्यादा पैसे को महत्व दिया जा रहा है, जिससे लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
