रिपोर्टर: ललित जोशी
नैनीताल: सरोवर नगरी के आलूखेत जंगल में भीषण आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। आग इतनी तेजी से फैली कि उसे बुझाने के लिए देर रात तक वन विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग पर काबू पाने के लिए वनकर्मियों के साथ आपदा राहत दलों ने मिलकर काम किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच सकीं, जिसके कारण आग बुझाने का काम पूरी तरह प्रशिक्षित वनकर्मियों के भरोसे रहा।
गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ा खतरा
अप्रैल में ही तापमान बढ़ने लगा है, ऐसे में आने वाले मई, जून और जुलाई के महीनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वन्यजीवों और घरों पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों तक भी पहुंच सकती है। इससे न केवल वन संपदा बल्कि जंगली जानवरों और लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
ठोस कदम उठाने की जरूरत
स्थानीय लोगों और अधिकारियों का मानना है कि जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग और सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
जनहानि नहीं, लेकिन नुकसान बड़ा
हालांकि इस भीषण आग में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
