अजित पवार, शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे थे, जिनका निधन तब हुआ जब अजित 18 साल के थे. उन्होंने 1982 में शरद पवार के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में कदम रखा, जब वे एक शुगर कोऑपरेटिव के बोर्ड के लिए चुने गए. 1991 में, वे पुणे डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन चुने गए, इस पद पर वे 16 साल तक रहे. अजीत पवार ने पहली बार 1991 में चुनाव लड़ा था, जब वे बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए थे. लेकिन शरद पवार के नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी. अजीत उसी साल बारामती से MLA चुने गए और इस सीट को रिप्रेजेंट कर रहे हैं.
