रिपोर्ट: सुभाष चंद
खटीमा: उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता तेज हो गई है। इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर के खटीमा में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अपर सचिव मायावती ढकरियाल ने की।
बैठक के दौरान अपर सचिव ने क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमांत क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश
अपर सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही, सभी विभाग अपनी योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि विकास कार्यों की गति निरंतर बनी रहे।
मुख्यमंत्री घोषणाओं पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं पर विशेष चर्चा की गई। इसमें ग्रामीण सड़कों के निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और हाई-टेक बस स्टेशन जैसी योजनाएं शामिल रहीं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
जनता तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
अपर सचिव मायावती ढकरियाल ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमांत क्षेत्र खटीमा में सभी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हों और उनका लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि रुके हुए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाए, ताकि आवश्यक कदम उठाकर उन्हें शीघ्र पूरा कराया जा सके।
प्रशासन की बढ़ी सक्रियता
इस समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिलते हैं कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर गंभीर है और परियोजनाओं की निगरानी लगातार की जा रही है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का असर दिखाई दे।
