रिपोर्टर: आसिफ इक़बाल
रामनगर स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। टीले के सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते मुख्य मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पहले यह प्रतिबंध 30 अप्रैल तक था, जिसे अब बढ़ाकर 30 मई तक कर दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे 15 जून तक भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन के अनुसार, मां गिरिजा देवी के टीले को मजबूत करने का कार्य तेज गति से चल रहा है। सुरक्षा को देखते हुए श्रद्धालुओं के मुख्य मंदिर में प्रवेश को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर के दूसरे हिस्से में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में मां गिरिजा देवी की चरण पादुका के दर्शन की अनुमति दी गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 की बाढ़ के बाद से ही मंदिर के टीले में दरारें आने लगी थीं, जो समय के साथ बढ़ती गईं और संरचना के लिए खतरा बन गईं। इसके बाद सिंचाई विभाग ने मरम्मत कार्य के कई प्रस्ताव भेजे और मई 2024 में पहले चरण का कार्य पूरा किया गया।
फिलहाल दूसरे चरण का कार्य चल रहा है, जो बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि एक ओर नदी का तेज बहाव है और दूसरी ओर कमजोर टीला। कार्य के दौरान नदी के भीतर लगभग 5 मीटर तक खुदाई की जा रही है, जहां लगातार पानी का रिसाव भी हो रहा है।
विभाग का लक्ष्य है कि मानसून से पहले टीले को सुरक्षित स्तर तक पहुंचाकर मजबूत कंक्रीट संरचना और सुरक्षा दीवार का निर्माण पूरा किया जाए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है और कहा है कि यह कदम मंदिर की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
