रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह तैयार हैं। यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए इस बार कई कड़े नियम लागू किए गए हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले सभी यात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकार ने यात्रियों की निगरानी और संख्या नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड प्रणाली लागू की है। इसके साथ ही सभी वाहनों की फिटनेस और रजिस्ट्रेशन की जांच के बाद ही उन्हें आगे यात्रा के लिए भेजा जा रहा है। यात्रा मार्गों पर कई चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां उत्तराखंड परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार वाहनों की जांच कर रहे हैं।
16 अप्रैल से ही यात्रियों का आगमन शुरू हो चुका है और इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए शासन-प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी कर ली हैं। सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पर्यटन, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर कोठाल गेट के पास बने चेक पोस्ट पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यहां सभी वाहनों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।
प्रधान सहायिका सरिता बहुगुणा के अनुसार, अब तक 95 वाहनों के माध्यम से 2,197 यात्रियों को चार धाम यात्रा के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड के बिना किसी भी यात्री को आगे नहीं भेजा जा रहा है। जिन यात्रियों का पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हर संभव इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
