संवाददाता: सागर रस्तोगी
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एक अधिकारी और एक निजी स्कूल संचालिका को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
देहरादून सेक्टर की विजिलेंस टीम ने यह कार्रवाई एक पुख्ता शिकायत के आधार पर की।
कार्रवाई के दौरान Dhanveer Singh Bisht (प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला) और Pushpanjali Swami (संचालिका, उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल) को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता के स्कूल “गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश” में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिल पास करने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है और मामले की आगे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर पर दें।
इस तरह की सूचनाएं भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
रायवाला में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और एजेंसियां सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई से न केवल दोषियों में डर पैदा होगा, बल्कि आम जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
