नैनीताल | रिपोर्ट: ललित जोशी
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। भीमताल ब्लॉक के सूर्या जाला गांव में देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर एक बाघ को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में मिली सफलता
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग की टीम ने सघन निगरानी और सर्च ऑपरेशन के बाद देर रात बाघ को बेहोश (ट्रेंकुलाइज) कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
महिला पर हमले के बाद बढ़ी थी दहशत
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। महिला जंगल में अपने मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं, तभी यह दर्दनाक घटना हुई। इसके बाद से ही गांव में भय का माहौल बना हुआ था।
पिंजरे और कैमरों से की जा रही थी निगरानी
घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में 5 पिंजरे और 10 से अधिक कैमरे लगाकर सघन सर्च अभियान चलाया था। इसी दौरान बाघ ने हाल ही में एक मवेशी का शिकार भी किया था।
शिकार के पास लौटने पर पकड़ा गया बाघ
वन विभाग की रणनीति के तहत जब बाघ दोबारा अपने शिकार के पास लौटा, तभी टीम ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे ट्रेंकुलाइज कर लिया।
सैंपल जांच के बाद होगी पुष्टि
पकड़े गए बाघ के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या यही वही बाघ है जिसने महिला पर हमला किया था या कोई अन्य वन्यजीव।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जंगलों में अकेले न जाने की अपील की है।
