सचिन कुमार
उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट ने अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस निर्णय के तहत राज्य में पंजीकृत 452 मदरसों में से करीब 400 मदरसों को अब जिला स्तर पर संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी। ये मदरसे कक्षा 1 से 8 तक संचालित हैं, जिनमें 50,000 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं।
वहीं कक्षा 9 से 12 तक संचालित शेष मदरसों को भी 30 जून तक उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से संबद्धता प्राप्त करनी होगी।
कैबिनेट के इस प्रस्ताव में यह भी प्रावधान किया गया है कि बंद पड़े या नियमों का उल्लंघन करने वाले मदरसों पर अर्थदंड लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सरकार को रिसीवर नियुक्त करने का अधिकार भी होगा।
इस फैसले का स्वागत करते हुए मुफ्ती शमून कासमी, अध्यक्ष उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड ने कहा कि यह अध्यादेश मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर पंजीकरण की सुविधा से प्रक्रिया आसान होगी और अब मदरसों में भी उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाएगी, जिससे छात्र भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ सकेंगे।
