रिपोर्ट: सचिन कुमार
कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की बड़ी पहल
देहरादून। उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के खातों में प्रतीकात्मक डिजिटल भुगतान कर नई प्रणाली की शुरुआत की।
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
कृषि मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने में यह पहल अहम साबित होगी। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग ने नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित पॉलीहाउस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए यह डिजिटल प्रणाली लागू की है।
ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल वाउचर सिस्टम
अब किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे। पॉलीहाउस निर्माण पूरा होने तक वाउचर की राशि ‘लॉक्ड’ रहेगी और सत्यापन के बाद संबंधित फर्म या कंपनी को भुगतान किया जाएगा।
80% तक सब्सिडी, 300 करोड़ से ज्यादा बजट
सरकार की इस योजना के तहत 50 से 100 वर्गमीटर के छोटे पॉलीहाउस पर किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए 304.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसे तीन किस्तों में सीबीडीसी वाउचर के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
पंजीकृत फर्मों के जरिए होगा निर्माण
योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों और कंपनियों का पंजीकरण किया गया है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी पंजीकृत एजेंसी से पॉलीहाउस का निर्माण करा सकते हैं। डिजिटल वॉलेट के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी, जिससे पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।
ब्लॉक स्तर तक जागरूकता अभियान
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि और उद्यान विभाग की अन्य योजनाओं में भी सीबीडीसी के जरिए भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ब्लॉक स्तर तक प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए।
