रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी-देहरादून मार्ग पर पिछले वर्ष आई आपदा में क्षतिग्रस्त हुए पुल के स्थान पर अब स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शिव मंदिर के निकट 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दो लेन पुल का शिलान्यास किया।
सितंबर माह में आई आपदा के बाद इस मार्ग पर आवाजाही बाधित हो गई थी, जिसे बहाल करने के लिए अस्थायी वैली ब्रिज बनाया गया था। लंबे समय से स्थानीय लोग और पर्यटक यहां स्थायी पुल की मांग कर रहे थे।
चार महीने में पूरा होगा निर्माण
मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुल का निर्माण कार्य चार महीने के भीतर पूरा किया जाए। इस पुल में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ की भी सुविधा होगी, जिससे आवाजाही और अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
इस मौके पर मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत हो पाई है।
उन्होंने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की अन्य योजनाओं को भी मंजूरी मिली है, जबकि मसूरी-किमाड़ी मार्ग के लिए 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। साथ ही, 1100 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग और तहसील निर्माण को भी हरी झंडी मिल गई है।
आपदा प्रभावित सड़कों के निर्माण के निर्देश
मंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। भंडार गांव और खाला गांव की सड़कों पर जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष ने जताई खुशी
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने इस परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चार महीने के भीतर पुल जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लंढौर बाजार की क्षतिग्रस्त सड़क की जांच पूरी हो चुकी है और जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू होगा।
इसके साथ ही, बरसात से पहले शहर के नालों की सफाई और जल संस्थान की पाइपलाइन हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की समस्या न हो।
