रिपोर्ट: सचिन कुमार
आईटीआई ग्राउंड निरंजनपुर में आयोजित हुआ कार्यक्रम
देहरादून के आईटीआई ग्राउंड, निरंजनपुर में पशुपालन विभाग की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुष्कर सिंह धामी ने पशुपालकों, मत्स्य पालकों और डेयरी समूहों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पशुपालकों के लिए योजनाओं से मिल रहा लाभ: मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह दिन उनके लिए खुशी का अवसर है क्योंकि राज्य के पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सीधे लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि:
- रेफ्रिजरेटेड फिशरी वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाएं पशुपालकों को नए अवसर दे रही हैं
- मुख्यमंत्री पशुधन मिशन के तहत 90% तक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है
- गोट वैली योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं
- हर जनपद में मॉडल गौशाला निर्माण की दिशा में कार्य जारी है
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और “आत्मनिर्भर भारत” का सपना साकार हो रहा है।
5827 लाभार्थियों को मिला फायदा: सौरभ बहुगुणा
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल से योजनाओं को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि:
- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत राज्य में पहले ही की जा चुकी है
- गोट वैली प्रोजेक्ट के तहत 5827 लोगों को लाभ मिला है
- लगभग 53 करोड़ रुपये की बकरियां वितरित की गई हैं
- चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में ITBP के साथ समझौता किया गया है
- सितारगंज में 27 करोड़ रुपये का एक्वा पार्क विकसित किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों और पशुपालकों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
पशुपालकों की आय में आया बड़ा बदलाव
कार्यक्रम में मौजूद पशुपालक हरि कृष्ण लाखेड़ा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने दो गायों से शुरुआत की थी और अब उनके पास 37 गायें हैं।
उन्होंने कहा कि:
- पहले उनकी मासिक आय लगभग ₹40,000 थी
- अब यह बढ़कर करीब ₹1 लाख तक पहुंच गई है
उन्होंने सरकार की योजनाओं को अपनी सफलता का मुख्य कारण बताया।
देहरादून में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम राज्य में पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। सरकारी योजनाओं के प्रभाव से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
