रुड़की के पिरान कलियर क्षेत्र में आयुष्मान केंद्र को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है, जहां स्थानीय स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है।
आयुष्मान केंद्र से जुड़े स्वामी मुराद अली ने प्रेसवार्ता कर शहजाद अली, नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके भाई सत्तार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुराद अली का कहना है कि कुछ नेता जानबूझकर गरीबों तक आयुष्मान योजना का लाभ नहीं पहुंचने देना चाहते और उनके केंद्र को बंद कराने के लिए राजनीतिक दबाव बना रहे हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान मुराद अली ने स्वास्थ्य विभाग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संबंधित दस्तावेज मीडिया के सामने रखे। उन्होंने दावा किया कि आयुष्मान केंद्र खोलने की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।
मुराद अली ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के ईओ पर दबाव डालकर उनके केंद्र के खिलाफ आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं। उनका कहना है कि यह सब केवल इसलिए किया जा रहा है ताकि गरीबों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में बाधा डाली जा सके।
मुराद अली ने कहा कि अगर गरीबों को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगा, तो कुछ नेताओं की राजनीति पर असर पड़ेगा। यही वजह है कि आयुष्मान केंद्र के संचालन में लगातार अड़चनें पैदा की जा रही हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि गरीबों के हक पर राजनीति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रेसवार्ता में मौजूद स्थानीय लोगों और समर्थकों ने भी आयुष्मान केंद्र के समर्थन में आवाज उठाई और इसे गरीबों के लिए जरूरी सुविधा बताया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पिरान कलियर में गरीबों के इलाज पर राजनीति हावी होगी, या फिर उन्हें आयुष्मान योजना का सीधा लाभ मिल पाएगा?
यह मामला केवल एक आयुष्मान केंद्र का नहीं, बल्कि गरीबों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और उस पर पड़ रहे राजनीतिक प्रभाव का भी है। आने वाले समय में प्रशासन की कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी।
