संवाददाता: सचिन कुमार
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा ने इसे पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत बताया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि SIR एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और अपात्र नाम हटाए जाते हैं।
महेंद्र भट्ट ने बताया कि इस प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को बीएलए-2 नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है, ताकि वे मतदाता सूची की जांच कर सकें। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि अगर उन्हें किसी नाम को लेकर आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार करा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि केवल वास्तविक मतदाता ही सूची में शामिल रहें। बाहरी या अपात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह अभियान कितनी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरा होता है।
