रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: उत्तराखंड की लोककला और क्षेत्रीय सिनेमा के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को राष्ट्रीय सम्मान मिलने से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है। यह सम्मान उत्तराखंड के फिल्म उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली ‘ढोली’ का निर्देशन दिनेश पी. भोंसले ने किया है। फिल्म की कहानी साहित्यकार डॉ. नंदकिशोर हटवाल की प्रसिद्ध रचना ‘जमनदास ढोली’ पर आधारित है। पुरस्कार के साथ निर्माता और निर्देशक को रजत कमल और दो लाख रुपये की राशि भी दी जाएगी।
फिल्म ढोली समुदाय के जीवन, उनकी कला और समाज में उनकी भूमिका को बेहद भावनात्मक अंदाज में दिखाती है। यह समुदाय वर्षों से उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रहा है, लेकिन सामाजिक चुनौतियों का भी सामना करता रहा है।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद का कहना है कि यह उपलब्धि स्थानीय भाषाओं और लोककथाओं पर आधारित फिल्मों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में मदद करेगी। इससे प्रदेश के युवा फिल्मकारों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह स्थानीय विषयों पर गुणवत्तापूर्ण फिल्में बनती रहीं, तो उत्तराखंड जल्द ही क्षेत्रीय सिनेमा के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है।
