रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल: उत्तराखंड की पर्यटन राजधानी नैनीताल में ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। 1 अगस्त 2026 से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक स्थित पूरी माल रोड को ‘नो हॉर्न ज़ोन’ घोषित किया जाएगा। इस क्षेत्र में किसी भी वाहन चालक को हॉर्न बजाने की अनुमति नहीं होगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में इस व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समय सीमा से पहले सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए जाएं ताकि आदेश प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए लोगों को पहले से जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसलिए शहर के प्रमुख स्थानों पर ‘नो हॉर्न’ बोर्ड, फ्लेक्स और सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। साथ ही स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण और झीलों की स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन स्थानीय व्यापार मंडलों, टैक्सी यूनियनों, नाव संचालकों, बार एसोसिएशन और अन्य सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लेगा। इसके अलावा 24 से 31 जुलाई तक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें एनसीसी, एनएसएस और ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवक भी भाग लेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त 2026 से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर उत्तराखंड मोटरयान नियमावली के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। माल रोड पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी भी की जाएगी।
