रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: देहरादून की पहचान रही दून बासमती एक समय विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी। अब सरकार और किसानों के साझा प्रयासों से यह पारंपरिक फसल एक बार फिर खेतों में लहलहाने लगी है। इस वर्ष जिले के 160 किसानों ने 75 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद जिला प्रशासन ने दून बासमती के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष अभियान शुरू किया। सफल ट्रायल के बाद किसानों का भरोसा बढ़ा और अब अधिक किसान इस खेती से जुड़ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि आने वाले वर्षों में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि रीप परियोजना के माध्यम से किसानों से सीधे खरीद की व्यवस्था की गई। इससे किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा और उन्हें बेहतर मूल्य मिला। यही वजह है कि किसानों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
प्रशासन अब विकासनगर में सीड बैंक स्थापित करने और वैज्ञानिक परीक्षण की सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे और दून बासमती की शुद्धता भी बरकरार रहेगी।
दून बासमती की वापसी सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देहरादून की सांस्कृतिक और कृषि विरासत को भी नया जीवन देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
