देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने गैस सिलेंडर संकट और ऊर्जा नीति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण देश की गैस और तेल आयात पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका असर सीधे आम जनता पर पड़ रहा है।
यूपीए सरकार से तुलना कर साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान रावत ने मौजूदा हालात की तुलना United Progressive Alliance (यूपीए) सरकार के समय से की। उनका कहना था कि उस दौर में देश लगभग 47 प्रतिशत गैस और तेल आयात करता था, जबकि वर्तमान समय में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 66 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
रावत ने इसे केंद्र सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा प्रबंधन की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन हकीकत यह है कि देश की आयात निर्भरता पहले से ज्यादा बढ़ गई है।
आम लोगों पर पड़ रहा असर
कांग्रेस नेता के मुताबिक, ऊर्जा आयात में बढ़ोतरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। गैस सिलेंडर की कीमतों और उपलब्धता को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति और समाधान पेश करना चाहिए।
मुख्यमंत्री विवेकाधिकार कोष पर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रावत ने राज्य सरकार पर मुख्यमंत्री विवेकाधिकार कोष के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह कोष मूल रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए बनाया गया है, लेकिन आरोप है कि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
रावत के अनुसार, “हर साल इस कोष से बड़ी राशि वितरित की जाती है, लेकिन कई मामलों में यह धनराशि जरूरतमंदों की बजाय राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।”
जिलों से जुटाया जा रहा डेटा
उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस मामले में ठोस तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया में है। फिलहाल चम्पावत और उधम सिंह नगर जिलों से संबंधित जानकारी मंगाई गई है। आने वाले समय में अन्य जिलों का डेटा भी एकत्र किया जाएगा।
रावत ने कहा कि सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार से पारदर्शिता की मांग
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधिकार कोष के उपयोग को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस कोष का लाभ केवल उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता के प्रमाण सामने आते हैं तो कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी।
