तीर्थ नगरी ऋषिकेश में सोमवार को एक विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश देखने को मिला, जब आरुषि पोखरियाल निशंक ने प्रसिद्ध 72 सीढ़ी गंगेश्वर गंगा घाट पर आयोजित भव्य गंगा आरती में भाग लिया।
आरुषि पोखरियाल, जो पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की पुत्री और ‘स्पर्श गंगा अभियान’ की संयोजिका हैं, इस दौरान गंगा की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करती नजर आईं।
गंगा आरती में श्रद्धा और जागरूकता का संगम
गंगा आरती के दौरान उन्होंने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन किया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं के साथ आध्यात्मिक माहौल में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।
“गंगा की स्वच्छता हम सभी की जिम्मेदारी”
आरुषि पोखरियाल ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा को साफ रखना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा में कूड़ा-कचरा न डालें और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
भव्य स्वागत और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान गंगा घाट प्रबंध समिति और राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर की टीम ने आरुषि पोखरियाल का भव्य स्वागत किया। संस्था की ओर से उन्हें सम्मानित करते हुए उनके ‘स्पर्श गंगा अभियान’ की सराहना की गई।
संगठन के सदस्यों ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग—विशेषकर युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों—को एकजुट होना होगा।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गंगा की स्वच्छता केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी है। आरुषि निशंक का यह प्रयास लोगों को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
