उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित त्रिवेणी घाट पर आज गौ रक्षक बाबा चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मथुरा में उनकी हत्या के बाद दिल्ली निवासी आचार्य सुंदर शास्त्री अपने साथियों के साथ ऋषिकेश पहुंचे और मां गंगा के तट पर विशेष पूजा-अर्चना की।
गंगा आरती कर दी श्रद्धांजलि
आचार्य सुंदर शास्त्री ने ‘फरसे वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध बाबा चंद्रशेखर की आत्मा की शांति के लिए मां गंगा की आरती की। उन्होंने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर बाबा की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्रार्थना की।
स्पर्श गंगा टीम ने किया स्वागत
इस दौरान स्पर्श गंगा अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने आचार्य सुंदर शास्त्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग:
- सौरभ शर्मा (सोशल मीडिया प्रभारी)
- जॉनी लांबा (जिला कोऑर्डिनेटर)
- प्रिंस गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष)
सौरभ शर्मा ने बताया कि आचार्य सुंदर शास्त्री लंबे समय से गौ सेवा और गौ चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
गौ सेवा जारी रखने का संकल्प
आचार्य सुंदर शास्त्री ने कहा कि वे आगे भी गौ सेवा और गौ चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार कार्य करते रहेंगे। उन्होंने उत्तराखंड के लोगों से भी गौ रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा,
“गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास है और उनकी सेवा सबसे बड़ी सेवा है।”
गंगा स्वच्छता के प्रयासों की सराहना
आचार्य सुंदर शास्त्री ने गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की। उन्होंने स्पर्श गंगा अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
