उत्तराखंड के रामनगर में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को बड़ी संख्या में लोग इंडेन गैस एजेंसी कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने गैस प्रबंधक दीपक कुमार आर्य का घेराव किया और तीखी बहस भी हुई।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि डीएसी कोड मिलने के बावजूद उन्हें कई हफ्तों से गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा।
- कई लोगों का कहना है कि उन्हें 1 महीने से ज्यादा समय से सिलेंडर नहीं मिला
- गैस वाहन इलाके में आने के बावजूद वितरण नहीं किया जा रहा
- गोदाम पहुंचने पर भी उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटाया जा रहा है
त्योहार पर बढ़ी परेशानी
गैस की कमी का असर खासतौर पर त्योहार के समय ज्यादा देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने बताया कि ईद से पहले सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें मजबूरन चूल्हे पर खाना बनाना पड़ा।
एक बुजुर्ग उपभोक्ता ने बताया कि वह पिछले 6 दिनों से सिलेंडर के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि उन्हें परिवार के लिए होटल से खाना लाना पड़ रहा है।
ब्लैक मार्केटिंग के आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
- सिलेंडर 1700 से 1800 रुपये तक ब्लैक में बेचे जा रहे हैं
- एजेंसी और वितरण से जुड़े कुछ कर्मचारी इसमें शामिल हो सकते हैं
उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे एजेंसी पर ताला लगाने को मजबूर होंगे।
गैस प्रबंधक का जवाब
गैस प्रबंधक दीपक कुमार आर्य ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि:
- शहर में गैस की कोई कमी नहीं है
- सभी इलाकों में रोस्टर के अनुसार सप्लाई की जा रही है
हालांकि, उन्होंने ब्लैक मार्केटिंग के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
