संवाददाता: सचिन कुमार
देहरादून के किशनपुर स्थित मदरसा इमदादूल उलूम में शुक्रवार को उत्तराखंड राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग की टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान मदरसे में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम को मदरसे में बिहार और अन्य राज्यों के बड़ी संख्या में बच्चे मिले। जानकारी के अनुसार, करीब 85 बच्चे बाहरी राज्यों से यहां रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, जबकि स्थानीय बच्चों की संख्या काफी कम पाई गई।
जांच में सामने आया कि मदरसे के बेसमेंट में हॉस्टल संचालित किया जा रहा था। छोटे-छोटे कमरों में जरूरत से ज्यादा बच्चों को रखा गया था। आयोग ने इसे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर लापरवाही माना है।
टीम को निरीक्षण के दौरान अग्निशमन सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी नाकाफी मिले। भवन का नक्शा और अन्य जरूरी दस्तावेजों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
बताया जा रहा है कि यह निरीक्षण विभिन्न शिकायतों और एक एनजीओ द्वारा लगाए गए यौन शोषण संबंधी आरोपों के बाद किया गया। आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि मामले में संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
