देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
3 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए थाना रायपुर के थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन ट्रांसफर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक व्यक्ति को नशे की हालत में पकड़कर हवालात में रखा था। कुछ समय बाद वह व्यक्ति बेहोश मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मजिस्ट्रेट जांच और पोस्टमार्टम
इस संवेदनशील मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की शंका को दूर किया जा सके।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि यह हवालात में हत्या है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उनके पति को हिरासत में लिया गया, तब परिवार को कोई सूचना नहीं दी गई। केवल मौत के बाद ही पुलिस की ओर से कॉल आया।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में कई सवाल बने हुए हैं—
- क्या यह आत्महत्या थी?
- या फिर किसी तरह की मारपीट के कारण मौत हुई?
इन सभी सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
