उत्तराखंड के ऋषिकेश में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सड़कों पर विरोध देखने को मिला। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास का घेराव करने की कोशिश की।
जुलूस निकालकर घेराव की कोशिश
प्रदर्शनकारी कोयल घाटी क्षेत्र में एकत्र हुए, जहां से उन्होंने जुलूस निकाला और विधायक के घर की ओर बढ़े। हालांकि, इससे पहले कि वे आवास तक पहुंच पाते, पुलिस ने कॉलोनी का मुख्य गेट बंद कर दिया।
गेट बंद होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
उम्मीद से कम रही भीड़
इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सक्रियता देखी गई थी और लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई थी।
लेकिन जमीनी स्तर पर प्रदर्शन में अपेक्षा से काफी कम लोग पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को भी बड़ी भीड़ की आशंका थी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन कम संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचने से पुलिस ने राहत की सांस ली।
मंच की प्रमुख मांग
प्रदर्शन के दौरान मंच से जुड़े सदस्यों ने भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड में प्रवेश न देने की मांग उठाई।
लगातार जारी है विरोध
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में समय-समय पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। इस घटना ने राज्य की राजनीति और कानून व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े किए हैं।
