उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल मसूरी में वैली ब्रिज को लेकर सियासत तेज हो गई है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाए गए अस्थायी वैली ब्रिज के बावजूद लोगों को जाम की समस्या से राहत नहीं मिल पा रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आज सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।
8 महीने बाद भी नहीं बना स्थायी पुल
बताया जा रहा है कि पिछले साल सितंबर में आई भीषण आपदा के दौरान यह पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद अस्थायी तौर पर वैली ब्रिज बनाया गया, लेकिन करीब 8 महीने बीतने के बाद भी स्थायी पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
इस वजह से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रोजाना लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस की मांग: 4 महीने में बने स्थायी पुल
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से 4 महीने के भीतर स्थायी पुल बनाने की मांग की। साथ ही, जाम की समस्या से राहत के लिए एक और वैली ब्रिज बनाने की भी मांग उठाई गई।
पर्यटन सीजन पर पड़ सकता है असर
नेताओं ने चेतावनी दी कि जल्द ही पर्यटन और यात्रा सीजन शुरू होने वाला है। अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर मसूरी के पर्यटन पर पड़ेगा और हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
नेताओं के बयान
कांग्रेस नेता उपेंद्र थापली ने कहा कि मसूरी को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है और यदि जल्द पुल निर्माण नहीं हुआ तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि इतने लंबे समय बाद भी काम शुरू न होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि जहां दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में पूरा हो जाता है, वहीं देहरादून से मसूरी पहुंचने में 4 से 5 घंटे लग रहे हैं, जिससे पर्यटन नगरी की छवि प्रभावित हो रही है।
नगर निगम पार्षद सुमेन्द्र बोहरा ने बताया कि 16 सितंबर की आपदा में मसूरी क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन अब तक कई स्थानों पर मरम्मत कार्य अधूरा है।
प्रदेश महासचिव गोदावरी थापली और कांग्रेस नेता मनीष गौनियाल ने भी चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बढ़ती समस्या, समाधान की जरूरत
लगातार लगने वाले जाम और अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि पर्यटन सीजन से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
