रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून के केदारपुर स्थित नारी निकेतन में एक संवासिनी की आत्महत्या की घटना के बाद उत्तराखंड सरकार सख्त नजर आ रही है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री Rekha Arya ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
मंत्री रेखा आर्या ने नारी निकेतन की अधीक्षिका, कर्मचारियों और शव बरामद करने वाले चौकीदार से घटना के संबंध में विस्तार से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इन्हें किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नारी निकेतन प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि परिसर के सभी हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही उनकी नियमित लाइव मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने Pramendra Dobhal से फोन पर बात कर पुलिस जांच की प्रगति की जानकारी ली और जांच को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
इस पूरे मामले के बीच मंत्री रेखा आर्या ने एक अहम फैसला लेते हुए विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में पेश करने के निर्देश दिए।
नारी निकेतन में हुई इस दुखद घटना के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदम महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रस्ताव को कैबिनेट से कब मंजूरी मिलती है और इसे जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाता है।
