चम्पावत जिले के लोहाघाट में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। पिछले एक सप्ताह से जारी प्रदर्शन के बीच कार्यकर्त्ताओं ने अब ऋषेश्वर महादेव मंदिर मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
धरना स्थल को लेकर भड़का आक्रोश
कार्यकर्त्ताओं का आरोप है कि उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर से हटाए जाने के बाद उन्हें जो नया धरना स्थल दिया गया, वह रोड़ी, बजरी और धूल-मिट्टी से भरा हुआ है, जिससे बैठना मुश्किल हो रहा है। इस व्यवस्था से नाराज होकर उन्होंने सड़क किनारे ही प्रदर्शन किया।
“महिला सशक्तिकरण सिर्फ कागजों में”
आंगनबाड़ी संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत ने कहा कि एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जो बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में कार्यकर्त्ताएं खुद को असहाय महसूस कर रही हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आंदोलन में शामिल माया राय, बसंती, दीपा राय, दमयंती और शकुंतला सहित अन्य कार्यकर्त्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित और सम्मानजनक धरना स्थल नहीं दिया गया, तो वे मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरकर आंदोलन को और उग्र करेंगी।
पूरे जिले में जारी विरोध
उधर, चम्पावत जिले में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन जारी है। जिला अध्यक्ष मीना बोहरा ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे कार्यकर्त्ताओं में भारी नाराजगी है।
समर्थन की अपील
आंदोलनकारी कार्यकर्त्ताओं ने जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से समर्थन की अपील करते हुए सरकार पर दबाव बनाने की मांग की है।
