हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट की हालिया सुनवाई के बाद अब शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत विशेष कैंप लगाने की बड़ी तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिलेगा, जबकि गलत जानकारी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
ईद के बाद तेज होगी प्रक्रिया, कैंप लोकेशन तय
जिला प्रशासन ने उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ बैठक कर कैंप लगाने के स्थानों का चयन कर लिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, ईद के बाद इस प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत 19 मार्च के बाद ऐसे कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को शॉर्टलिस्ट कर आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
विभागों के बीच समन्वय, समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
हल्द्वानी कैंप कार्यालय में प्रशासन, रेलवे और अन्य संबंधित विभागों के बीच एक अहम बैठक भी हो चुकी है।
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि:
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रेलवे, नगर निगम, जिला विकास प्राधिकरण और ग्राम विकास विभाग मिलकर काम करें
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कोर्ट के आदेशों का तय समय सीमा में पालन हो
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किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
फर्जी जानकारी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वही लोग आवेदन करें जो वास्तव में पात्र हैं।
जांच प्रक्रिया में शामिल होंगे:
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पूर्व सर्वे रिपोर्ट
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भूमि दस्तावेज
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आधार कार्ड
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परिवार रजिस्टर
यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर लाभ लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिरिक्त फोर्स तैनात
नैनीताल पुलिस भी इस पूरे मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
एसएसपी मंजूनाथ टी.सी. के अनुसार:
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बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है
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कैंप स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी
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माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी
मुख्यमंत्री धामी ले सकते हैं बड़ी बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय बैठक कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 21 मार्च को हल्द्वानी में रक्षा मंत्री की जनसभा के बाद यह बैठक संभव है।
मुख्यमंत्री ने पहले भी कहा है कि यह मामला सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और इसके समाधान से कुमाऊं क्षेत्र में रेलवे परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
