उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। इस बार मुद्दा बना है—सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा अपनी ही सरकार से सवाल पूछना। इस घटनाक्रम ने सदन के भीतर सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
विपक्ष का आरोप: “सरकार खुद से ही सवाल कर रही”
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी का कहना है कि जब सत्ताधारी विधायक खुद ही सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं पर सवाल खड़ा करता है। कांग्रेस नेताओं ने इसे “स्क्रिप्टेड प्रक्रिया” बताते हुए सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
बीजेपी का जवाब: प्रक्रिया के तहत सब कुछ सही
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विपक्ष के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विधानसभा की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके तहत सत्ता पक्ष के विधायक भी प्रश्न पूछ सकते हैं।
महेंद्र भट्ट के अनुसार, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इसमें कोई भी अनियमितता नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दे सदन में उठाते हैं, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो सके।
कांग्रेस पर पलटवार
बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। इसी वजह से वह सत्र के दौरान केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है।
महेंद्र भट्ट ने दावा किया कि बीजेपी के विधायक जनहित के मुद्दों को लेकर गंभीर हैं और सदन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सियासी माहौल हुआ गर्म
गैरसैंण में चल रहे इस विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस विवाद ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
